राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने रविवार को कहा कि देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ गलत जानकारियों का प्रसार किया जा रहा है। 71वें गणतंत्र दिवस पर संघ मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जोशी ने कहा कि इस देश में आज तक इस्लाम के अनुयायियों के खिलाफ किसी तरह का भेदभाव नहीं हुआ है। यदि कोई व्यक्ति, भले ही वह मुस्लिम ही क्यों न हो, भारत आता है, तो यहां की नागरिकता हासिल कर सकता है। इस मामले में कानून पहले से है। फिर इसमें समस्या क्या है?
उन्होंने कहा कि बिना गंभीरता से विचार किए गलत सूचनाओं का प्रसार किया जा रहा है। अगर सीएए के पीछे की भावना को सही तरीके से समझा जाता तो इसे किसी के विरोध का सामना नहीं करना पड़ता।
जोशी ने कहा, ‘सरकार ने बार-बार इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है। लेकिन, अलग-अलग समूह अब भी इसके खिलाफ माहौल तैयार कर रहे हैं। संसद ने इस कानून को पारित किया है और सब को इसे स्वीकार करना चाहिए। पूर्व में भी सरकारों ने नागरिकता कानून में संशोधन किया है। मुङो नहीं मालूम कि इस बार क्यों माहौल बिगाड़ा जा रहा है?’
जोशी ने लोगों से गलत जानकारियों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए अनिवार्य है कि कोई भी विदेशी यहां न रहे। यह अधिनियम सिर्फ पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदुओं को ही नहीं बल्कि जैन, सिख, बौद्ध और ईसाइयों को भी नागरिक बनने की अनुमति देता है। इसलिए अशांति फैलाना ठीक नहीं है।
श्रीलंका के लोगों को इसमें शामिल नहीं किए जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें पहले अनुमति दी गई थी। अब वहां धार्मिक आधार पर उत्पीड़न नहीं है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत के पास अपना संविधान है और वह उसके अनुसार चलता है।
संघ के सरकार्यवाह ने कहा, सीएए पर फैलाई जा रही गलत जानकारी
संसद ने इस कानून को पारित किया है, सब को इसे स्वीकार करना चाहिए
भय्याजी जोशी।
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